जबलपुर: बरेला में ज़मीन की सौदेबाज़ी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी, मुख्तयारनामा कर कब्ज़े का आरोप



जबलपुर। शहर से लगे बरेला क्षेत्र में जमीन की सौदेबाजी के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक किसान को ऊंचे ब्याज का लालच देकर पहले कर्ज दिया गया, फिर कथित रूप से दबाव बनाकर उसकी जमीन का मुख्तयारनामा और रजिस्ट्री अपने नाम करा ली गई। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम सिलुआ निवासी 39 वर्षीय बृजेश दुबे ने लिखित शिकायत में बताया कि उसकी पहचान वर्ष 2016 से ग्राम सालीवाड़ा निवासी शुभम चौबे से थी। बृजेश ने वर्ष 2014 में ग्राम सिलुआ स्थित मेन रोड पर खसरा नंबर 390/4 की लगभग 0.07 हेक्टेयर (करीब 7623 वर्गफुट) भूमि प्रदीप झारिया से खरीदी थी।

शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2018 में खेती-किसानी के लिए आर्थिक तंगी होने पर उसने शुभम चौबे से उधार राशि मांगी। आरोप है कि शुभम ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की टीएफआरआई शाखा के चेक के माध्यम से कुल 11 लाख रुपये दिए। कुछ महीनों बाद शुभम ने कथित तौर पर बृजेश को बताया कि ब्याज मिलाकर रकम 26 लाख रुपये हो चुकी है और तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाया।

पीड़ित का आरोप है कि उसने रिश्तेदारों और दोस्तों से रकम जुटाकर आंशिक भुगतान किया, लेकिन पूरी 26 लाख रुपये की राशि नहीं दे सका। इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से धमकाते हुए जमीन का मुख्तयारनामा अपने नाम कराने का दबाव बनाया और भरोसा दिलाया कि रकम लौटाने पर जमीन वापस कर दी जाएगी।

आरोप है कि कलेक्ट्रेट में मुलाकात के बाद 26 लाख रुपये में गिरवी विक्रय अनुबंध कराया गया। बाद में पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर प्लॉट की रजिस्ट्री भी अपने नाम करा ली गई, जबकि शेष 15 लाख रुपये आरोपी द्वारा नहीं दिए गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर अवैधानिक रूप से अत्यधिक ब्याज लगाया गया और कर्ज वसूली के लिए दबाव तथा धमकी दी गई।

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