जबलपुर/सागर। मध्यप्रदेश के सागर ज़िले के शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ नर्स दीपशिखा की गोली मारकर हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि नर्स का पनागर निवासी मौसेरा भाई सुशील आठ्या है। आरोपी जबलपुर से सागर पहुंचा और पूरी रैकी के बाद घटना को अंजाम देकर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार 26 वर्षीय दीपशिखा, जबलपुर ज़िले के पाटन क्षेत्र की रहने वाली थी और करीब दो वर्षों से शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नर्स के पद पर कार्यरत थी। वह अस्पताल से लगभग 200 मीटर दूर किराए के कमरे में रहती थी। आरोपी सुशील आठ्या लंबे समय से दीपशिखा से एकतरफा प्यार करता था और उस पर शादी का दबाव बना रहा था। दीपशिखा द्वारा साफ़ इनकार किए जाने के बाद दोनों के बीच अनबन बढ़ गई थी।
घटना वाले दिन दीपशिखा रात 8 बजे की ड्यूटी के लिए पैदल कमरे से अस्पताल जा रही थी। जैसे ही वह अस्पताल के गेट के पास पहुंची, आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया। विरोध करने पर उसे धक्का देकर गिरा दिया और जेब से कट्टा निकालकर तीन फायर किए। एक गोली मिस हो गई, जबकि दो गोलियां दीपशिखा की पीठ में लगीं, जो दिल के पीछे तक पहुंच गईं। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। गोली चलने की आवाज़ सुनकर स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारी बाहर आए और पीछा किया, लेकिन आरोपी जंगल की ओर भाग निकला।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बेरोजगार था और लगातार फोन कर दीपशिखा को परेशान करता था। इसी उत्पीड़न से तंग आकर नर्स ने पहले भी जबलपुर के पाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समझाइश दी गई थी और आरोपी ने माफी मांग ली थी, लेकिन कुछ समय बाद उसने फिर परेशान करना शुरू कर दिया।
घटना की खबर मिलते ही परिजन शाहगढ़ पहुंचे और आक्रोशित होकर सागर–कानपुर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर जाम खुलवाया। फिलहाल सागर पुलिस जबलपुर के पनागर सहित आसपास क्षेत्रों में दबिश देकर आरोपी की तलाश में जुटी है।
