जबलपुर। गौरीघाट स्थित सिद्ध गणेश मंदिर के पास रविवार रात तेज आवाज में डीजे बजने से आसपास के मकानों में कंपन महसूस होने लगा। शिकायत मिलने पर पेट्रोलिंग टीम ने तत्काल दबिश देकर डीजे बंद कराया। जांच में सामने आया कि पंडाल निर्माण और डीजे बजाने की कोई वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी।
गौरीघाट पुलिस के अनुसार, मेन रोड पर लगे पंडाल में अत्यधिक ध्वनि का उपयोग कर ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा था। मौके पर मौजूद डीजे संचालक ने अपना नाम दीपक अहिरवार (उम्र 25 वर्ष) निवासी बागड़ा दफाई, काली मंदिर के पास, ग्वारीघाट बताया। अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगने पर वह कोई वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने मौके से 6 छोटे-बड़े स्पीकर और एक बड़ा एम्पलीफायर, कुल अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये, जब्त कर लिए। डीजे संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति डीजे बजाना और निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि का उपयोग करना कानूनन अपराध है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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