रानीताल से मालवीय चौक तक तेज रफ्तार स्टंट; बिना हेलमेट नाबालिग छात्र ने बढ़ाया खतरा, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
जबलपुर। शहर की सड़कों पर मॉडिफाइड साइलेंसर और नाबालिग छात्रों द्वारा तेज रफ्तार वाहन चलाने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामला रानीताल चौराहे से मालवीय चौक के बीच का है, जहां स्कूल/कॉलेज यूनिफॉर्म पहने एक छात्र तेज रफ्तार बाइक पर ‘हवाबाज़ी’ करता दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छात्र न केवल लापरवाही से वाहन चला रहा था, बल्कि अन्य वाहनों को ओवरटेक कर सड़क पर जोखिम की स्थिति भी पैदा कर रहा था।
दो साइलेंसर, दोनों इंडिकेटर ऑन और बिना हेलमेट
बताया जा रहा है कि बाइक में दो साइलेंसर लगाए गए थे, जिनसे असामान्य और कानफोड़ू आवाज निकल रही थी। इतना ही नहीं, दोनों इंडिकेटर एक साथ जल रहे थे, जिससे स्पष्ट था कि वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन किया गया है। छात्र ने हेलमेट भी नहीं पहना था। तेज आवाज और स्टंट भरे अंदाज में बाइक चलाने से राहगीर दहशत में आ गए। कई लोगों ने आशंका जताई कि जरा सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी।
नंबर प्लेट गायब, पहचान मुश्किल
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बाइक पर वैध नंबर प्लेट नहीं थी। उसकी जगह केवल दो अंग्रेजी अक्षर लिखे हुए थे, जिससे वाहन स्वामी की पहचान करना लगभग असंभव हो गया। शहर में इस तरह बिना नंबर प्लेट, बिना लाइसेंस और बिना सुरक्षा उपकरण के वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई मामलों में अभिभावक ही नाबालिग बच्चों को वाहन सौंप देते हैं, जबकि उन्हें यातायात नियमों की समुचित जानकारी तक नहीं होती।
पुलिस कार्रवाई का असर क्यों नहीं?
यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाए जाने और चालान की कार्रवाई के बावजूद ऐसे मामलों में अपेक्षित कमी नहीं आ रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या केवल चालान काटना पर्याप्त है, या फिर अभिभावकों और वाहन स्वामियों के खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई जरूरी है
