मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के बीच भविष्य की ट्रांसमिशन परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है। यह निर्णय जबलपुर स्थित बिजली कंपनियों के मुख्यालय ‘शक्ति भवन’ में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी और पावर ग्रिड (वेस्टर्न रीजन-2) के मुख्य महाप्रबंधक आर.के. गुप्ता मौजूद रहे।
नेटवर्क विस्तार में चुनौतियां बनी बड़ी परीक्षा
बैठक को संबोधित करते हुए प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि वर्तमान दौर में ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार करना आसान नहीं है। विशेषकर ‘राइट ऑफ वे’ (Right of Way) और वन विभाग से मिलने वाली मंजूरियों के कारण कई परियोजनाएं जटिलताओं में उलझ जाती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन चुनौतियों के बावजूद एमपी ट्रांसको और पावर ग्रिड आपसी समन्वय और बेहतर तालमेल के जरिए परियोजनाओं को गति देंगे। उनका कहना था कि ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत आधारभूत ढांचे के निर्माण में दोनों संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
समयबद्ध परियोजनाओं पर जोर
पावर ग्रिड के सीजीएम आर.के. गुप्ता ने मध्य प्रदेश में मिल रहे सहयोग के लिए एमपी ट्रांसको का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में संचालित सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
उनके अनुसार, देश में लगातार बढ़ रहे बिजली उत्पादन को सुचारू रूप से उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मजबूत और समयबद्ध ट्रांसमिशन व्यवस्था अनिवार्य है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में जबलपुर पुलिंग सबस्टेशन के प्रभारी मोहम्मद मेराज सिद्दीकी, वडोदरा से मनोज मीणा और 400 केवी सबस्टेशन सूखा के सुनील बेडेकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस बैठक को ऊर्जा क्षेत्र में केंद्र और राज्य के समन्वय की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश की विद्युत संरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक साबित हो सकती है।
