जबलपुर। शहर में अमृत जलम-2 योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन के बाद किया गया सड़क री-स्टोरेशन अब जानलेवा साबित हो रहा है। काम में की गई जल्दबाजी और लापरवाही की वजह से हल्की बारिश ने ही निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी है।
कटंगा से ग्वारीघाट तक री-स्टोर की गई सड़क की हकीकत सामने आ गई है, जहां कई स्थानों पर सड़क करीब 6 इंच तक धंस गई है। वहीं कांचघर चौक से पुल नंबर 2 के बीच का मार्ग कीचड़ और फिसलन से भर गया है। बीते दो दिनों में कई वाहन चालक यहां फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि गुरुवार और शुक्रवार को मिलाकर शहर में महज 12.2 मिलीमीटर (आधा इंच से भी कम) बारिश दर्ज की गई, लेकिन इतनी कम बारिश में ही सड़क की यह हालत होना निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क री-स्टोरेशन के दौरान मिट्टी को मजबूत करने के लिए बार-बार पानी डालकर रोलर से दबाया जाता है। यह प्रक्रिया कम से कम 6 से 7 बार की जाती है। इसके बाद हार्डमुरम और गिट्टी डालकर पुनः रोलिंग की जाती है, तब जाकर सड़क टिकाऊ बनती है।
लेकिन यहां सिर्फ औपचारिकता निभाते हुए एक बार ही रोलिंग कर डामरीकरण कर दिया गया, जिसके चलते हल्की बारिश में ही सड़क बैठने लगी।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार एजेंसियों ने गुणवत्ता की अनदेखी कर सिर्फ काम पूरा दिखाने की जल्दबाजी की? और अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में ये सड़कें बड़े हादसों की वजह बन सकती हैं।
