जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने लखनादौन नगर पालिका परिषद में दुकानों के आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला 24 अगस्त 2020 से 18 अक्टूबर 2024 के बीच का बताया जा रहा है।
शिकायतकर्ता रविन्द्र सिंह आनंद (निवासी आदर्श नगर, जबलपुर) की शिकायत पर की गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार नगर पालिका द्वारा निर्मित 8 शॉपिंग कॉम्पलेक्स की 75 दुकानों की नीलामी के बाद नियमों का उल्लंघन किया गया। आरोप है कि अधिकारियों ने मिलीभगत कर कई दुकानदारों से पूरी नीलामी राशि और अनुबंध की शर्तें पूरी कराए बिना ही दुकानों का कब्जा सौंप दिया।
जांच में यह भी पाया गया कि 32 में से 13 दुकानदारों ने लगभग 79.82 लाख रुपये की नीलामी राशि जमा ही नहीं की, जबकि करीब 2.88 लाख रुपये का किराया भी वसूल नहीं किया गया। इस लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के चलते शासन को लगभग 83 लाख रुपये की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है।
इतना ही नहीं, आरक्षित दुकान क्रमांक 7 को बिना पुनः नीलामी कराए सामान्य वर्ग के व्यक्ति वैभव दुबे को आवंटित किए जाने का मामला भी उजागर हुआ है, जो नियमों की खुली अनदेखी को दर्शाता है।
EOW ने तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी, राजस्व उप निरीक्षक, एजेंट सहित काउंसिल के सदस्यों समेत कुल 23 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
