जबलपुर। शहर में साइबर अपराधियों का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां “पैसा कई गुना बढ़ाने” के लालच में एक 40 वर्षीय डॉक्टर ठगी का शिकार हो गया। ठगों ने महज दो महीने के भीतर डॉक्टर से 3 करोड़ 4 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए और फिर अचानक अकाउंट बंद कर फरार हो गए।
शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि करीब 80 लाख रुपए होल्ड करवा लिए गए हैं।
फेसबुक लिंक से शुरू हुई ठगी की कहानी
गौरा बाजार क्षेत्र निवासी डॉक्टर अपने क्लीनिक में बैठे Facebook चला रहे थे, तभी उन्हें शेयर बाजार से जुड़ा एक आकर्षक लिंक दिखाई दिया। लिंक पर क्लिक करने के अगले ही दिन एक कॉल आया, जिसमें खुद को निवेश सलाहकार बताने वाले ठगों ने डॉक्टर को फंसाना शुरू कर दिया।
ठगों ने रोजाना 91% तक रिटर्न और लंबे समय में 500% मुनाफा देने का झांसा दिया—जो सुनने में ही असंभव है, लेकिन यही लालच जाल बन गया।
फर्जी ऐप में बढ़ता पैसा, असल में घटती पूंजी
ठगों ने डॉक्टर से एक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाया और खुद को बड़ी निवेश कंपनी से जुड़ा बताया। इस ऐप में रोज निवेश के बाद रकम बढ़ती हुई दिखाई देती थी, जिससे डॉक्टर का भरोसा और बढ़ता गया।
यही भरोसा धीरे-धीरे भारी नुकसान में बदल गया—डॉक्टर ने 2 महीने में किश्तों में 3.04 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए।
लेकिन जैसे ही रकम बड़ी हुई, ठगों ने अकाउंट बंद कर दिया और संपर्क तोड़ लिया।
पुलिस की कार्रवाई: 2 आरोपी गिरफ्तार, 80 लाख सुरक्षित
एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की और
शीतलामाई निवासी संस्कार केशरवानी
खमरिया तिघरा निवासी सौरभ विश्वकर्मा
को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह बैंक अकाउंट खरीदकर उनमें पैसे ट्रांसफर करवाता था और बाद में रकम निकालकर आपस में बांट लेता था।

