धक्का देकर स्टार्ट हुई डायल-112! जबलपुर में इमरजेंसी सेवा पर उठे गंभीर सवाल



बच्चों ने लगाई धक्का, वायरल वीडियो से खुली व्यवस्था की पोल; करोड़ों खर्च के बाद भी हाल बेहाल


जबलपुर।आपातकालीन सहायता के लिए शुरू की गई डायल-112 सेवा की विश्वसनीयता पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। कटंगी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक ऐसा नज़ारा सामने आया, जिसने पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया। डायल-112 की एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) बीच सड़क पर बंद हो गई और उसे स्टार्ट करने के लिए बच्चों से धक्का लगवाना पड़ा।

शनिवार को इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि छोटे-छोटे बच्चे पुलिस की गाड़ी को धक्का देकर चालू कराने की कोशिश कर रहे हैं।
 बैटरी फेल, बच्चों के सहारे सिस्टम

जानकारी के मुताबिक, डायल-112 वाहन क्रमांक MP04-YQ-0974 बैटरी खराब होने के कारण बंद हो गया था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने वाहन को चालू करने के लिए बच्चों की मदद ली।

इस दृश्य ने आम लोगों को हैरान कर दिया—जो गाड़ियां इमरजेंसी में जान बचाने के लिए दौड़नी चाहिए, वे खुद धक्का मांगती नजर आईं।
 जनता के सवाल—इमरजेंसी में क्या होगा?

वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि ऐसी गाड़ियां समय पर स्टार्ट ही नहीं होंगी, तो गंभीर अपराध या हादसों के समय पुलिस कैसे मौके पर पहुंचेगी?
 पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

यह पहली बार नहीं है जब डायल-112 की गाड़ियां सवालों में आई हों।
सितंबर 2025 में भी एक वाहन खराब हो गया था, जिसे धक्का देने के बाद भी स्टार्ट नहीं किया जा सका और आखिरकार टोचन क्रेन से मैकेनिक तक पहुंचाना पड़ा था।
 बड़ी योजना, लेकिन जमीन पर हाल बेहाल

प्रदेश में पहले डायल-100 सेवा संचालित होती थी, जिसे 14 अगस्त 2025 से बदलकर डायल-112 किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल से इस नई सेवा की शुरुआत की थी।

जबलपुर जिले को 47 नई गाड़ियां मिली थीं, जिन्हें आईजी प्रमोद वर्मा द्वारा रवाना किया गया था।

प्रदेशभर में कुल 1200 वाहन इस योजना में शामिल हैं।
972 करोड़ रुपए का टेंडर
719 करोड़ रुपए रखरखाव बजट

इतना भारी निवेश होने के बावजूद, जमीनी हकीकत अब सवालों के घेरे में है।
⚙️ कागजों में हाईटेक, जमीन पर फेल?

डायल-112 वाहनों को जीपीएस, वायरलेस सिस्टम, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया गया है।
लेकिन जब वाहन स्टार्ट ही न हो पाए, तो ये तकनीकें भी बेअसर नजर आती हैं।
 अफसरों का बयान

एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। संबंधित कंपनी को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
 रखरखाव पर बड़ा सवाल

डायल-112 जैसी महत्वपूर्ण सेवा की गाड़ियों का इस तरह खराब होना साफ दर्शाता है कि रखरखाव व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी खामी है।

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