हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया एक ऐसा शुभ दिन है, जिसका हिंदू धर्म में बड़ा महत्व बताया गया है। यह दिन सुख, समृद्धि और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए खास माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ एवं मांगलिक कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे ‘अक्षय’ तृतीया कहा जाता है।
धार्मिक ग्रथों में इस दिन सोना, चांदी खरीदने की भी विशेष परंपरा बताई गयी है। इसलिए इस दिन हिन्दू भक्त सोना, चांदी और अन्य नई चीजें खरीदते हैं।
साल 2026 में कब है अक्षय तृतीया?
पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होगी और 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। ऐसे में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को ही मनाई जाएगी।
अक्षय तृतीया पर क्यों खरीदें नमक?
धर्म शास्त्रों में अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन नमक खरीदना घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन नमक विशेषकर सेंधा नमक खरीदने से घर की दरिद्रता दूर होती है, वास्तु दोष मिटते हैं और माँ लक्ष्मी प्रसन्न होकर सुख-शांति प्रदान करती हैं।
अक्षय तृतीया पर नमक खरीदने के क्या है मुख्य कारण
- नकारात्मकता दूर करना: इस दिन खरीदा गया नमक घर से नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करता है और सकारात्मकता लाता है।
- सेंधा नमक का महत्व: सेंधा नमक को शुक्र (भौतिक सुख) और चंद्रमा (मानसिक शांति) से जोड़कर देखा जाता है, जो घर में खुशहाली लाते हैं।
- दरिद्रता का नाश: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नमक घर में लाने से दरिद्रता समाप्त होती है।
- समृद्धि का प्रतीक: यदि सोना-चांदी खरीदने का बजट न हो, तो नमक खरीदना सबसे शुभ और सुलभ विकल्प माना जाता है, जो घर में संपन्नता लाता है।
नमक से करे ये उपाय
ज्योतिष एवं लोक मान्यता के अनुसार, अक्षय तृतीया पर खरीदे गए नमक से घर में पोंछा लगाने से घर की दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
