देशभर में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। पारा 40 डिग्री के पार पहुंचते ही लोग राहत पाने के लिए बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद कोल्ड ड्रिंक्स और आर्टिफिशियल सोडा की ओर भागते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वाद के चक्कर में आप अपनी सेहत के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। पैकेज्ड ड्रिंक्स शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान देते हैं। ऐसे में लस्सी एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरता है जो न केवल शरीर को अंदर से ठंडा रखता है बल्कि तापमान को भी नियंत्रित करता है।
दही को मथकर तैयार की जाने वाली लस्सी सदियों से भारतीय खानपान का अटूट हिस्सा रही है। यह महज एक ड्रिंक नहीं बल्कि पोषक तत्वों का भंडार है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं वहीं कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। भीषण धूप से लौटकर जब आप एक गिलास ठंडी लस्सी पीते हैं तो यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करती है और खोई हुई ऊर्जा को वापस लाती है।
गर्मियों का हेल्दी ड्रिंक
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही लस्सी की तासीर को ठंडा मानते हैं। गर्मी के मौसम में शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ जाता है जिससे हीट स्ट्रोक और लू लगने का खतरा बढ़ता है। लस्सी एक नेचुरल कूलिंग एजेंट की तरह काम करती है। इसमें पानी की उच्च मात्रा और दही की ठंडक मिलकर शरीर के बढ़ते तापमान को संतुलित करती है जिससे आप गर्मी के दुष्प्रभावों से बचे रहते हैं।
क्या है पीने का सही समय
लस्सी जितनी फायदेमंद है गलत समय पर इसका सेवन उतना ही नुकसानदायक हो सकता है। लस्सी पीने का सबसे उपयुक्त समय दोपहर का है। दोपहर के भोजन के साथ या उसके थोड़ी देर बाद लस्सी पीना अमृत के समान माना जाता है। यह भोजन को पचाने में मदद करती है और दोपहर की चिलचिलाती धूप के असर को कम करती है।
रात में लस्सी पीना पड़ सकता है भारी
अक्सर लोग रात के खाने के साथ भी लस्सी का सेवन करते हैं जो स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है। रात के समय पाचन अग्नि धीमी हो जाती है और लस्सी की ठंडी तासीर कुछ लोगों में कफ, भारीपन या अपच की समस्या पैदा कर सकती है। इसलिए यदि आप लस्सी के गुणों का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं तो सूर्यास्त से पहले इसका सेवन कर लेना ही बेहतर है।
अगर आप इस गर्मी में खुद को बीमार होने से बचाना चाहते हैं तो बाजार के केमिकल युक्त ड्रिंक्स को छोड़कर घर की बनी ताजी लस्सी को अपनाएं। यह न केवल आपके बजट में है बल्कि आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। बस ध्यान रखें इसे ताजी पीएं और सही समय का चुनाव करें।
