जबलपुर।मध्य प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के नाम पर होने वाले संभावित फर्जीवाड़े पर अब प्रशासन ने सीधी चोट कर दी है। जिले में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर आज प्रशासनिक अमले ने कई निजी गोदामों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। इन गोदामों में बड़े पैमाने पर गेहूँ का भंडारण पाया गया था, जिसे लेकर पुराने स्टॉक की “रीसाइक्लिंग” की आशंका जताई जा रही थी।
प्रशासन को शक है कि कुछ व्यापारी और बिचौलिये पिछले साल का गेहूँ इस साल किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य पर बेचने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को रोकने के लिए कलेक्टर ने सख्त आदेश जारी करते हुए उपार्जन अवधि तक निजी गोदामों से गेहूँ की निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
फर्जीवाड़े पर फुल एक्शन
जिन गोदामों में पुराना गेहूँ रखा मिला, उन्हें तत्काल सील किया जा रहा है
बिचौलियों और व्यापारियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर
हर खरीदी केंद्र पर नोडल अधिकारी तैनात
सूचना देने वालों को इनाम
प्रशासन ने साफ संदेश दिया है—अब गड़बड़ी छुपेगी नहीं।
अवैध भंडारण की सूचना देने वालों को ₹5,000 से ₹21,000 तक का नकद इनाम दिया जाएगा।
AI से होगी निगरानी
इस बार व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। जिला प्रशासन ने एक डेटा एनालिसिस सेल बनाया है, जो जेनरेटिव एआई तकनीक की मदद से पिछले 3–4 साल के रिकॉर्ड का विश्लेषण करेगा।
असामान्य लेन-देन, संदिग्ध पैटर्न और बिचौलियों की भूमिका तुरंत पकड़ में आएगी।
किसानों के लिए SMS अलर्ट
पंजीकृत किसानों को अब उपार्जन से जुड़ी हर जानकारी SMS के जरिए समय पर मिलेगी, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी या भ्रम का सामना न करना पड़े।
