जबलपुर में समर कैंप के नाम पर साइबर ठगी का जाल, अभिभावक बन रहे निशाना



जबलपुर। गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही शहर में ऑनलाइन समर कैंप और स्किल डेवलपमेंट क्लासेज के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। ठग अब सोशल मीडिया, फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए अभिभावकों को निशाना बना रहे हैं और उनसे हजारों रुपए ऐंठ रहे हैं। पुलिस ने इसे लेकर आमजन को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

फर्जी वेबसाइट और ऐप से बिछाया जा रहा जाल
साइबर अपराधी इंटरनेट सर्च इंजन पर ऐसे फर्जी लिंक और वेबसाइट तैयार कर रहे हैं, जो देखने में पूरी तरह असली प्लेटफॉर्म जैसे लगते हैं। बच्चों के लिए ऑनलाइन कोर्स सर्च करने वाले अभिभावक आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।

भरोसा जीतकर करते हैं ठगी, फिर हो जाते हैं गायब
ठग पहले आकर्षक कोर्स, सीमित सीटों और कम फीस का लालच देकर अभिभावकों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद उन्हें फर्जी ऐप डाउनलोड करने या सीधे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही रजिस्ट्रेशन या फीस के नाम पर रकम जमा होती है, ठग तुरंत नंबर बंद कर देते हैं या पीड़ित को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे उनका कोई सुराग नहीं मिल पाता।

शहर में सामने आए कई मामले
जबलपुर के स्नेह नगर निवासी पूजा ने अपने बेटे के लिए मल्टी लैंग्वेज क्लास के नाम पर 5 से 10 हजार रुपए गंवा दिए। भुगतान के तुरंत बाद संपर्क नंबर बंद हो गया। वहीं विजय नगर क्षेत्र में एक अन्य अभिभावक ने मोबाइल ऐप के जरिए 10 हजार रुपए जमा किए, लेकिन बाद में ऐप ही काम करना बंद कर गया और ठगों से संपर्क टूट गया।

पुलिस की अपील—सावधानी ही बचाव
एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही बच्चों की क्लासेज जॉइन कराएं। किसी भी अनजान लिंक, ऐप या कॉल पर भरोसा न करें। ऑनलाइन भुगतान से पहले संस्थान की पूरी जांच करना जरूरी है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि आरोपियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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