तीन नाबालिग लापता: वन स्टॉप सेंटर की खिड़की तोड़कर भागीं, पांच दिन बाद भी सुराग नहीं

 


सतना। शहर के जवाहर नगर स्थित वन स्टॉप सेंटर से खिड़की की ग्रिल निकालकर भागीं तीन नाबालिग लड़कियों का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है और पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों तक तलाश में जुटी हैं, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है।

चार टीमें, साइबर सेल और तकनीकी जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में चार विशेष टीमें गठित की हैं, जो साइबर सेल के साथ मिलकर लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। परिजनों, परिचितों और संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही शहर और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मोबाइल लोकेशन सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।

जबलपुर और वाराणसी तक फैली तलाश
पुलिस की एक टीम जबलपुर में स्थानीय पुलिस के सहयोग से खोजबीन कर रही है, जबकि दूसरी टीम वाराणसी में संभावित ठिकानों पर जांच कर रही है। हालांकि इन स्थानों से भी अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

संदिग्ध युवक की तलाश बेनतीजा
जांच के दौरान एक युवक का नाम सामने आया था, लेकिन जब पुलिस उसकी तलाश में घर पहुंची तो पता चला कि वह पिछले 5-6 वर्षों से वहां नहीं आया है और मकान पर ताला लगा हुआ है। इससे जांच की दिशा फिलहाल उलझ गई है।

रेलवे और अन्य राज्यों को अलर्ट
लड़कियों की तलाश के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों की पुलिस को सक्रिय किया गया है। साथ ही महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश की पुलिस को भी अलर्ट जारी किया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

एक नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी
सूत्रों के अनुसार, लापता तीन लड़कियों में से एक नाबालिग गर्भवती भी है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से जांच में शामिल कर रही है।

पांच दिन बीत जाने के बावजूद कोई ठोस सुराग न मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है—क्या यह सुनियोजित भागने की घटना है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? फिलहाल पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है और जल्द खुलासा होने का दावा कर रही है।

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