जबलपुर: शहर की सुरक्षा और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसी कंपनियों को नोटिस जारी किया है। विभाग का कहना है कि खंभों पर अव्यवस्थित तरीके से लटकी इंटरनेट और टेलीफोन केबलें न केवल हादसों को न्योता दे रही हैं, बल्कि बिजली लाइनों के रखरखाव में भी बड़ी बाधा बन रही हैं।
अंतिम चेतावनी: कल से शुरू होगी काटने की कार्रवाई
विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बार-बार पत्राचार और बैठकों के बावजूद कंपनियों ने जमीनी स्तर पर केबलों को व्यवस्थित करने का कोई प्रयास नहीं किया।
अल्टीमेटम: कंपनियों को केवल 24 घंटे की मोहलत दी गई है।
सख्त निर्देश: यदि समय सीमा के भीतर केबल नहीं हटाए गए या व्यवस्थित नहीं किए गए, तो विभाग खुद इन्हें काटकर हटाने का अभियान शुरू कर देगा।
जिम्मेदारी: इस कार्रवाई से होने वाले किसी भी आर्थिक नुकसान या ग्राहकों की इंटरनेट सेवा में आने वाली रुकावट के लिए निजी कंपनियां स्वयं उत्तरदायी होंगी।
प्रशासन और पुलिस भी अलर्ट
कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और समन्वय के लिए विभाग ने उच्च अधिकारियों को भी सूचित कर दिया है:
सूचना: आदेश की प्रतियां जबलपुर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और नगर निगम आयुक्त को भेज दी गई हैं।
क्षेत्रीय निगरानी: शहर के पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और विजयनगर संभाग के कार्यपालन अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सख्ती से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ेगी भारी
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई वर्ष 2021 के विभागीय नियमों के तहत की जा रही है। कंपनियों को फरवरी 2025 से अब तक कई बार सचेत किया गया था, लेकिन निर्देशों की लगातार अवहेलना की गई।
मुख्य चिंताएं:
दुर्घटना का डर: बेतरतीब केबलों के कारण शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बना रहता है।
मेंटेनेंस में बाधा: बिजली लाइनों में सुधार कार्य के दौरान कर्मचारियों को इन केबलों के कारण परेशानी होती है।
शहर की सुंदरता: खंभों पर लटकते तारों के गुच्छों से शहर की सूरत भी बिगड़ रही है।
