10 हजार पहले डकार चुका था, बाकी 5 हजार लेते लोकायुक्त ने दबोचा
रीवा। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। रीवा में लोकायुक्त की टीम ने एक पटवारी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी जमीन सीमांकन के बदले 15 हजार रुपए की मांग कर रहा था और 10 हजार रुपए पहले ही वसूल चुका था।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम खजुआ कला निवासी कमलेश पटेल ने 13 मई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता की जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन हल्का पटवारी मनोज पांडे सीमा बरकरार रखने के एवज में रिश्वत मांग रहा था।
लोकायुक्त जांच में शिकायत सही पाई गई। सत्यापन के दौरान सामने आया कि आरोपी पटवारी पहले ही 10 हजार रुपए ले चुका था और बाकी 5 हजार रुपए के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
डभौरा हाउस के सामने बिछाया जाल, रिश्वत लेते ही दबोचा
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त रीवा की टीम ने जाल बिछाया। शुक्रवार 16 मई 2026 को राजीव मार्ग निराला नगर स्थित डभौरा हाउस के सामने जैसे ही पटवारी मनोज पांडे ने 5 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
आरोपी मनोज पांडे (52) निवासी वार्ड नंबर 9, राजीव मार्ग निराला नगर रीवा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
12 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया, स्वतंत्र गवाहों सहित 12 सदस्यीय टीम शामिल रही। फिलहाल लोकायुक्त संगठन आरोपी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटा है।
