वारदात के बाद खुद पुलिस को करते थे कॉल, एमपी की शातिर चोरी गैंग आखिरकार गिरफ्तार



हर अपराधी अपने पीछे कोई न कोई ऐसा सबूत जरूर छोड़ जाता है कि पुलिस उस तक पहुंच जाती है. अक्सर ऐसा तब होता है जब अपराधी ओवर कॉन्फिडेंस में हो. एमपी के खरगोन जिले से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां पर चोरों के ओवर कॉन्फिडेंस ने ही उनके लिए मुसीबत का कुआं खोद दिया. एपमी पुलिस ने एक ऐसे चोर गैंग को पकड़ा है जो कि चोरी करने के बाद खुद 112 पर कॉल करने पुलिस को वारदात की जानकारी देता था.

ये गैंग ज्यादातर शहर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते थे. लेकिन इस बार ये चालाकी इनको महंगी पड़ और पुलिस को इस गैंग तक पहुंचने का रास्ता मिल गया. पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनके कब्जे से चोरी का सामान भी बरामद हुआ है. खरगोन से लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं पर पुलिस और साइबर सेल की टीम काफी दिनों से नजर बनाएं हुए थी.
प्रतिष्ठित दुकानों को करते थे टारगेट

ये गैंग शहर में रात के अंधेरे में दुकानों को ताले तोड़कर चोरी को अंजाम देता था. गिरफ्तार आरोपियो के पास से पुलिस ने लैपटॉप, दर्जनों फोन और नकदी भी बरामद की है. खरगोन पुलिस के मुताबिक पिछले करीब डेढ़ महीने से शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं.
विशेष टीम की गई थी गठित

लगातार बढ़ रही घटनाओं के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ रवींद्र वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की थी. ये चोर पुलिस को भ्रमित करने के लिए गजब का शातिर तरीका अपनाते थे. थाना प्रभारी के मुताबिक ये चोर वारदात को अंजाम देने के बाद खुद पुलिस को फोन लगाते थे और बिना कोई जानकारी दिए बिना फोन काट देते है.
ऐसे हुए आरोपी गिरफ्तार

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए देर रात शहर में प्रवेश करते थे और चोरी के तुरंत बाद उसी रात शहर छोड़कर निकल जाते थे. जब घटना स्थलों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस इंदौर के देव गुराडिया निवासी सन्नी रावल और तीन नाबालिग आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

Post a Comment

Previous Post Next Post