एमपी में फर्जी MBBS डिग्री रैकेट का भंडाफोड़

 



भोपाल से मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 8 से 10 लाख में बिकती थीं नकली मेडिकल डिग्रियां

जबलपुर। मध्यप्रदेश में मेडिकल क्षेत्र से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने नकली एमबीबीएस (MBBS) डिग्री बेचने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को भोपाल से गिरफ्तार किया है। यह संगठित रैकेट ग्वालियर में फर्जी मेडिकल डिग्रियां और अंकसूचियां तैयार कर जरूरतमंदों को 8 से 10 लाख रुपये में बेचता था।

जांच में सामने आया है कि इस गिरोह की पहली फर्जी डिग्री मुरैना निवासी अजय मौर्य ने खरीदी थी। उसी नकली डिग्री के सहारे वह जबलपुर के संजीवनी क्लिनिक में पिछले दो वर्षों से डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रहा था।

तीन फर्जी डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद खुला पूरा नेटवर्क

कोतवाली पुलिस ने पहले कार्रवाई करते हुए तीन फर्जी डॉक्टरों को हिरासत में लिया था। उनसे पूछताछ के बाद पुलिस को रैकेट की अहम कड़ियां मिलीं। इसके बाद पुलिस टीम ने भोपाल और ग्वालियर में ताबड़तोड़ दबिश दी और नेटवर्क के मुख्य संचालक को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी मार्कशीट और मेडिकल डिग्रियों का इंतजाम करने के साथ-साथ अस्पतालों में अवैध तरीके से नौकरी दिलाने का पूरा सिंडिकेट संचालित कर रहा था।

ग्वालियर का असली डॉक्टर निकला खेल का मास्टरमाइंड

तफ्तीश में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे ग्वालियर का एक असली MBBS डॉक्टर शामिल है। आरोप है कि उसने भोपाल निवासी संदीप नामक युवक के साथ मिलकर नकली अंकसूचियां और मेडिकल डिग्रियां तैयार करने का गोरखधंधा शुरू किया था।

फिलहाल मुख्य आरोपी डॉक्टर फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

दमोह से शुरू हुई जांच, जबलपुर तक पहुंची आंच

पूरे रैकेट का खुलासा सबसे पहले दमोह जिले में हुआ था, जहां पुलिस ने संदेह के आधार पर दो फर्जी डॉक्टरों को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान एक के बाद एक परतें खुलती चली गईं और जांच जबलपुर तक पहुंच गई।

जांच में सामने आया कि मुरैना निवासी अजय मौर्य फर्जी दस्तावेजों के सहारे संजीवनी क्लिनिक में बाकायदा मरीजों का इलाज कर रहा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने प्रदेशभर में अब तक कितने लोगों को फर्जी मेडिकल डिग्रियां बेचकर स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया है।

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