मंडला/जबलपुर। मध्य प्रदेश के मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। टिकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिरी घाट के पास सुबह करीब 5 बजे तेज रफ्तार कंटेनर और सड़क किनारे खड़े ट्रक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि दोनों वाहनों के चालक मौके पर ही मौत के मुंह में समा गए। दुर्घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
पंचर ट्रक के नीचे काम कर रहा था चालक, तभी पीछे से आया मौत बनकर कंटेनर
जानकारी के अनुसार ट्रक क्रमांक CG 22 J 6075 जबलपुर से मंडला की ओर जा रहा था। चिरी घाट के पास अचानक ट्रक का टायर पंचर हो गया। चालक ने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर जैक लगाकर टायर बदलना शुरू किया। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहा कंटेनर क्रमांक RJ 11 GC 8798 अनियंत्रित होकर सीधे ट्रक में जा घुसा।
बताया जा रहा है कि घाट क्षेत्र में ढलान होने के कारण कंटेनर की रफ्तार काफी तेज थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। कंटेनर चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया, जबकि ट्रक के नीचे काम कर रहे चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
परखच्चे उड़ गए, घंटों चला रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही टिकरिया थाना प्रभारी प्रदीप पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए थे। शवों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज भेजा गया।
मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक हादसे में मारे गए दोनों चालकों की पहचान अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। वाहनों के नंबरों के आधार पर मालिकों और परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम शुरू करा दिया है और हादसे के तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है।
घाटों पर तेज रफ्तार बन रही मौत का कारण
चिरी घाट क्षेत्र में पहले भी कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट की ढलान और भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार हादसों की वजह बन रही है। हादसे के बाद एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और भारी वाहनों की स्पीड कंट्रोल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
