फर्जी डीलर बनकर कारोबारी से 3.42 लाख की ठगी, TMT बार सप्लाई के नाम पर लगाया चूना

 


जबलपुर। शहर में ऑनलाइन व्यापारिक लेन-देन के दौरान साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी का अधिकृत डीलर बताने वाले शातिर ने रांझी निवासी एक व्यापारी से 3 लाख 42 हजार 100 रुपये की ठगी कर ली। रकम लेने के बावजूद न तो माल की आपूर्ति की गई और न ही आरोपी ने कोई संतोषजनक जवाब दिया। बाद में कंपनी से संपर्क करने पर पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। रांझी पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


पुलिस के अनुसार रावण पार्क, रांझी निवासी सूरज कुमार यादव, जो एम/एस रविंद्र इलेक्ट्रिकल्स फर्म के प्रोपराइटर हैं, ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 12 जून को जीके सेल्स कॉर्पोरेशन के नाम से काम करने वाले पवन कुमार नामक व्यक्ति से जीके टीएमटी बार खरीदने के संबंध में बातचीत हुई थी।
प्रोफार्मा इनवॉइस भेजकर जीता भरोसा

शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी ने कंपनी के नाम से प्रोफार्मा इनवॉइस और बैंक विवरण उपलब्ध कराए। दस्तावेजों में बैंक ऑफ इंडिया, रायपुरा शाखा के खाते का विवरण दिया गया था। साथ ही जारी किए गए परचेज ऑर्डर में स्पष्ट उल्लेख था कि कुल राशि का 50 प्रतिशत अग्रिम और शेष 50 प्रतिशत माल की सफल डिलीवरी एवं अनलोडिंग के बाद भुगतान किया जाएगा।

इन शर्तों पर विश्वास करते हुए व्यापारी ने आरटीजीएस के माध्यम से 3,42,100 रुपये संबंधित खाते में ट्रांसफर कर दिए।
रकम मिलते ही बदला व्यवहार, माल नहीं पहुंचा

राशि ट्रांसफर होने के बाद भी निर्धारित समय पर माल की डिलीवरी नहीं की गई। इसके विपरीत आरोपी लगातार शेष भुगतान की मांग करता रहा, जबकि परचेज ऑर्डर के अनुसार बाकी राशि माल मिलने के बाद ही देनी थी। इससे व्यापारी को संदेह हुआ।

जब शिकायतकर्ता ने सीधे जीके टीएमटी कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों से संपर्क किया तो पता चला कि पवन कुमार कंपनी का अधिकृत डीलर ही नहीं है।
मोबाइल बंद, पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत में बताया गया है कि भुगतान के बाद आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और अब उसके सभी मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं। व्यापारी का आरोप है कि आरोपी ने खुद को अधिकृत विक्रेता बताकर विश्वास में लिया और सुनियोजित तरीके से 3.42 लाख रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी की।

रांझी पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर बैंक खाते, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
व्यापारियों के लिए पुलिस की सलाह

पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी कंपनी से बड़े लेन-देन से पहले संबंधित विक्रेता या डीलर की अधिकृत पहचान कंपनी के आधिकारिक माध्यमों से अवश्य सत्यापित करें। केवल प्रोफार्मा इनवॉइस या बैंक विवरण के आधार पर बड़ी रकम ट्रांसफर करने से बचें, ताकि इस प्रकार की ऑनलाइन व्यापारिक धोखाधड़ी से बचा जा सके।

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