बीटेक छात्र की संदिग्ध मौत: मोबाइल में मिले पाकिस्तानी नंबरों के कॉल रिकॉर्ड, ऑनलाइन लोन ऐप्स की जांच भी शुरू



सागर/बीना। मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक बीटेक छात्र की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीना स्थित एक लॉज के कमरे में छात्र मृत पाया गया। प्रारंभिक जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से पाकिस्तान के कंट्री कोड वाले नंबरों से कॉल और चैट रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। साथ ही ऑनलाइन लोन ऐप्स से जुड़े रिकवरी एजेंटों द्वारा कथित मानसिक प्रताड़ना की आशंका भी सामने आई है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर साइबर और फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान अमन प्रजापति के रूप में हुई है, जो अशोकनगर जिले के औडेर गांव का निवासी था। वह सागर विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र था। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात वह बीना की छोटी बजरिया स्थित लक्ष्मी लॉज के कमरा नंबर-103 में रुका था। लॉज संचालक के मुताबिक उसने सुबह प्रयागराज जाने वाली ट्रेन से रवाना होने की बात कही थी।

शनिवार सुबह जब होटल कर्मचारी उसे जगाने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर खिड़की से देखने पर छात्र कमरे के भीतर मृत अवस्था में मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

जांच के दौरान पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन जब्त किया। प्रारंभिक पड़ताल में मोबाइल से पाकिस्तान के कंट्री कोड वाले कुछ नंबरों से संपर्क के संकेत मिले हैं। इसके अलावा साइबर ठगी और संभावित ब्लैकमेलिंग से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इन नंबरों के संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।

पुलिस को मोबाइल से ऐसे संकेत भी मिले हैं कि कई ऑनलाइन लोन ऐप्स के रिकवरी एजेंट छात्र से लगातार संपर्क कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि वह कथित रूप से मानसिक दबाव का सामना कर रहा था। हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मोबाइल फोन लॉक होने के कारण उसे फॉरेंसिक लैब और साइबर सेल को भेजा गया है। जांच एजेंसियां कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियों और ऑनलाइन लोन ऐप्स से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच के बाद ही छात्र की मौत के कारणों और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

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