जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने रेप केस मामले में सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी की है। कहा- यदि दो साल तक संबंध रहे है तो नहीं कह सकते कि दुष्कर्म किया है। इसी के आधार पर हाईकोर्ट ने रेप की FIR को रद्द करने के निर्देश दिए है।
शादी से इंकार करने पर पीड़िता का स्वाभाविक व्यवहार
कहा- दो साल शारीरिक संबंध रहे है तो, स्पष्ट है दोनों की सहमति थी। कोर्ट ने कहा- शादी से इंकार करने पर पीड़िता का स्वाभाविक व्यवहार यही होता है। रेप के आरोप में हाईकोर्ट का यह महत्वपूर्ण निर्णय है।
साल 2023 में जबलपुर में रेप की FIR दर्ज
दरअसल एक युवती ने साल 2023 में जबलपुर में रेप की FIR दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में पुलिस को बताया कि साल 2021 में युवती की आवेदक से दोस्ती हुई थी। आवेदक लंदन में रहता है और लंदन में रहते हुए रेप की शिकायत की। जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने यह फैसला दिया है। आवेदक की ओर से अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह और अर्पण तिवारी ने पैरवी की।
