जबलपुर/छिंदवाड़ा। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त टीम ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग में पदस्थ पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा को 14 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई मंगलवार दोपहर खजरी रोड स्थित एक चाय की दुकान पर की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
क्लर्क के इशारे पर हो रही थी वसूली
लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले के अनुसार, आरोपी दर्पण मिश्रा विभाग के क्लर्क संदेश गजभिए के कहने पर रिश्वत ले रहा था। शिकायतकर्ता सौरभ मिश्रा (38), निवासी ग्राम अंबाडा परासिया, ने विभाग में निर्माण कार्य का ठेका लिया था।
करीब 30 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर उसके खाते में 4,11,665 रुपए की राशि आई थी। इसके बाद सहायक ग्रेड-3 संदेश गजभिए द्वारा 6 प्रतिशत कमीशन के रूप में लगभग 25 हजार रुपए की मांग की जा रही थी।
ऐसे रचा गया ट्रैप
पीड़ित ने मामले की शिकायत लोकायुक्त जबलपुर से की। योजना के तहत सौरभ मिश्रा रिश्वत की राशि लेकर ऑफिस पहुंचा, जहां क्लर्क ने उसे पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा से संपर्क करने को कहा।
दर्पण मिश्रा ने खजरी रोड स्थित चाय दुकान पर बुलाया। जैसे ही सौरभ ने 14 हजार रुपए उसे दिए, पहले से घात लगाए लोकायुक्त दल ने तुरंत दबिश देकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
दोनों आरोपियों पर मामला दर्ज
लोकायुक्त टीम ने दर्पण मिश्रा और संदेश गजभिए के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 12, 13(1)(क) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक शशिकला मस्कुले, निरीक्षक जितेंद्र यादव, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।
