भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और आगामी दिनों में बारिश का दौर और तेज होने वाला है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने 5 जुलाई से 10 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के करीब आधे हिस्से में तेज वर्षा होने की संभावना है, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के उफान पर आने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में सबसे अधिक असर देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों के कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
इन जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने रतलाम, धार, बड़वानी, शाजापुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका है।इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, सिवनी, अनूपपुर, कटनी, पन्ना, झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के आसपास सतर्क रहने की अपील की है।मानसूनी ट्रफ और कम दबाव का क्षेत्र बना वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र और मानसूनी ट्रफ सक्रिय है। इसके कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है, जिससे अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी।पिछले 24 घंटे में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बैहर में 72 मिमी (करीब 3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा अटेर में 70 मिमी, सौंसर में 60 मिमी, हाटपीपल्या में 58 मिमी और पटेरा में 56 मिमी बारिश दर्ज की गई।
जिला मुख्यालयों में मंडला में सबसे अधिक करीब सवा दो इंच बारिश हुई, जबकि बालाघाट में लगभग डेढ़ इंच और पचमढ़ी में सवा इंच वर्षा दर्ज की गई। जबलपुर, राजगढ़, इंदौर, खंडवा और बैतूल में भी आधा इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार नहीं करने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन दलों को भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।
